Coronavirus : हिंदुस्तान में 1 कोरोना मरीज के इलाज में खर्च हो रहे ‘इतने’ रुपए, जानें सबकुछ

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 – –कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है। हर दिन हजारों लोगों की मौत हो रही है। भारत की बात करें तो यहां कोरोना मरीजों की संख्या 21370 के पार पहुंच गयी है। जबकि मरने वालों की संख्या 681 हो गयी है। भारत में भी कोरोना तेजी से बढ़ रहा है। जिससे देखते हुए देश में हॉटस्पॉट और रेड जोन, ऑरेंज और ग्रीन जोन बाट दिए है। राज्य सरकारों ने बॉर्डर सील कर दिए हैं। देश में कोरोना से लड़ने के लिए कई तरह के उपाय किये गए है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में करीब 80 फीसदी कोरोना मरीजों का इलाज सरकारी अस्‍पतालों में किया जा रहा है। निजी अस्‍पतालों में भी उनके इलाज की सुविधा है लेकिन जो उसके खर्च को वहन कर सकता है या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग जिसे अनुमति देता है, वही वहां इलाज करा रहा है। एक अख़बार में छपी खबर में यह बताया गया है कि कोरोना इलाज के लिए 1 मरीज को कितना रुपए खर्च करना पड़ रहा है।

2,80,000 से 3,50,000 रुपए हो रहे खर्च – तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि एक सामान्य कोविड-19 पॉजिटिव के इलाज पर बिना वेंटिलेटर या अन्य जीवनरक्षक उपकरणों के साथ प्रतिदिन 20,000 और 25,000 रुपये खर्च होते हैं। 14 दिन के इलाज में 3.50 लाख खर्च हो रहे है। इसका मतलब है कि एक मरीज के 14 दिन के इलाज पर 2,80,000 से 3,50,000 रुपए खर्च होते हैं। बता दें कि कोविड 19 की जांच के लिए व्‍यक्ति के गले या नाक से लिए गए सैंपल (स्‍वैब) या फ्लूड टेस्‍ट के मामले में खर्च के तहत टेस्‍ट की कीमत 4,500 रुपए है। सिर्फ जांच किट की कीमत 3,000 रुपए है। अगर किसी व्‍यक्ति में कोविड 19 के लक्षण दिखते हैं तो उसे सरकारी खर्च पर एंबुलेंस से अस्‍पताल पहुंचाया जाता है।

मरीज के लिए अलग शौचालय – कोरोना पॉजिटिव मरीज के एक बार आइसोलेशन वार्ड में चले जाने के बाद वहां के लिए कुछ विशेष निर्देश होते हैं। जैसे प्रत्येक कमरे में एक अलग शौचालय होना चाहिए और आमतौर पर किसी अन्य बेड की अनुमति नहीं होती है। यदि मरीज बुजुर्ग है या गंभीर है तो वेंटिलेटर आवश्यक है। एक जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों और नर्सों को हर चार घंटे में अपनी पीपीई किट बदलनी होती है। अगर मरीज वायरस के भारी भार के साथ गंभीर रूप से बीमार है, तो नर्सिंग स्टाफ के पीपीई किट को अक्सर बदलना पड़ता है।

एक स्‍टैंडर्ड पीपीई किट की कीमत 750 से 1,000 रुपये के बीच होती है। दवाओं की कीमत एक मरीजों के हिसाब से अलग-अलग होती है। एंटीबायोटिक्स, एंटी-विट्रियॉल और अन्य दवाओं की कीमत एक मरीज के लिए 500 से 1,000 रुपये के बीच होती है।

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