अब चीन को सीधा सबक सिखाएगा भारत! इसलिए PM मोदी ने चला लोकल-वोकल का दांव!

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24- – प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधन करते हुए कल 20 लाख करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। जो की भारत के जीडीपी का 10 फीसदी है। साथ ही मोदी ने लॉकडाउन 4 का ऐलान 18 मई से पहले करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह लॉकडाउन नए रंग रूप वाला होगा। इस बीच मोदी ने जोर देते हुए आत्मनिर्भरता और लोकल-वोकल पर बात की।

इस फॉर्मूले का मतलब यह है कि अब भारत दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता को पहले के मुकाबले कम करेगा। देश में अब स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वरोजगार के लिए अवसर मुहैया कराते हुए उस क्षेत्र में निर्मित सामानों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा ताकि चीनी उत्पादों के दबदबे को कम किया जा सके। पीएम मोदी ने इसके लिए पीपीई किट का भी उदाहरण दिया। मोदी ने कहा भारत दुनिया के लिए एक बाजार के साथ-साथ सबसे बड़ी डिमांड का क्षेत्र भी है, इसका सही इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है। एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है और अपनी अर्थव्यवस्था बचाने में जुटी हुई है तो वहीं चीन दूसरे देशों में भारी पैमाने में निर्यात से कमाए गए पैसे से ही अपने सीक्रेट मिशन को अंजाम देने में जुटा हुआ है।

कोरोना से जंग के बीच चीनी सेना एक तरफ मिलिट्री ड्रिल कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी देशों के ऊपर लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर उड़ाकर संबंधों में तनाव पैदा करने की भी कोशिश कर रहा है। लद्दाख और सिक्किम में भी चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच तनाव बना हुआ है। चीन कभी एवरेस्ट पर 5जी तकनीक इंस्टॉल करने लगता है। ऐसे में एशिया में चीन के बढ़ते दबदबे को कम करने की क्षमता सिर्फ भारत में ही है क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया तो इससे भारत के सामरिक हितों का नुकसान होगा। चीन लगातार ऐसी हरकतें कर रहा है, जिससे एशियाई देशों में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी रहे। सबसे ज्यादा परेशानी भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे पड़ोसी देशों को हो रही है।

मोदी ने अपने इस लोकल, ग्लोबल और वोकल मंत्र का मतलब एक उदाहरण देते हुए समझाया कि आप सभी बड़े-बड़े ग्लोबल ब्रांड को देखिए, वे सभी पहले लोकल थे लेकिन जब उनके यहां के लोगों ने उनका इस्तेमाल करना शुरू किया, उन्हें प्रमोट करने शुरू किया तो वो देखते ही देखते ग्लोबल ब्रांड बन गए। इसलिए हमें भी अपने लोकल ब्रांड के लिए वोकल बन कर सामने आना पड़ेगा। बता दें कि भारत में मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, साज-सज्जा, लाइटिंग, समेत कई घरेलू उत्पाद भी चीन से बनकर आते हैं जिसका हम इस्तेमाल करते हैं। चीन भारत में अपना उत्पाद बेचकर मोटा पैसा कमाता है जिसका इस्तेमाल वो अपने देश के विकास और एशिया सहित पूरी दुनिया में वर्चस्व बनाए रखने के लिए करता है।

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