पुणे में टल गया औरंगाबाद जैसा रेल हादसा

लोको पायलट की सतर्कता से बची 20 मजदूरों की जान

पुणे।एन पी न्यूज 24 – अभी औरंगाबाद रेल हादसे में 16 प्रवासी मजदूरों की मौत को लोग भुला नहीं पाए हैं। इस बीच पुणे में ऐसा एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। शुक्रवार को पुणे एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना लोको पायलट की सूझबूझ से टल गईं। अलर्ट ट्रेन ड्राइवर ने ट्रैक पर चलते प्रवासी मजदूरों को दूर से ही देख लिया और समय रहते ब्रेक लगा दिया। इससे ट्रैक पर चल रहे 20 मजदूरों की जान बच सकी। अन्यथा शुक्रवार को देश में सबसे बड़े दो रेल हादसे होते।
गौरतलब हो कि, शुक्रवार तड़के महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए रेल हादसे में 16 प्रवासी मजदूरों की जान चली गई थी। रेलवे ट्रैक पर थककर सो रहे मजदूरों के ऊपर से मालगाड़ी गुजर गई थी। शुक्रवार को ही पुणे के पास भी ऐसा ही हादसा होने से बच गया। मालगाड़ी के ड्राइवर ने हॉर्न बजाकर प्रवासी मजदूरों को सचेत करने के साथ ही समय रहते ब्रेक लगा दिया और ट्रैक पर जा रहे 20 प्रवासी मजदूरों से कुछ फीट की दूरी से पहले ट्रेन रुक गई।
दरअसल पुणे के पास उरली और लोणी स्टेशन के बीच बीते शुक्रवार की शाम रेलवे ट्रैक पर उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक मालगाड़ी तेज रफ्तार से आ रही थी। इसी दौरान ट्रेन के लोको ड्राइवर को ट्रैक पर कुछ लोग बैठे और कुछ लोग जाते हुए दूर से दिखे। लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन का हॉर्न बजाना शुरू किया और सतर्कता दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाई और ट्रैक पर चल रहे करीब 20 प्रवासियों से करीब 100 मीटर पहले ही ट्रेन रोक दिया। इस ट्रेन चालक की सतर्कता से प्रवासियों की जान बच गई जो ट्रैक के सहारे अपने गांव की ओर जा रहे थे।
इस घटना के बाद इसकी खबर तत्काल नजदीकी प्रशासन को दी गई। इसके बाद रेल पटरियों पर बैठे और जाने वाले प्रवासियों को तत्काल हटाया गया। रेलवे प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रही है कि प्रवासी मजदूर रेल पटरियों का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इस पर चलना खतरे से खाली नहीं है। रेलवे ने कहा है कि बहुत सारी आवश्यक सेवाओं के लिए गाड़ियां चलाई जा रही हैं जो किसी भी वक्त आपके खतरे का कारण बन सकती हैं इसलिए सुरक्षा के लिहाज से रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल लोग चलने के लिए ना करें.
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