7th Pay Commission : मोदी सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों को मिलेगी ज्यादा सैलरी

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 – –7 वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल श्रम मंत्रालय ने कहा है कि कर्मचारी अगले तीन महीने तक अपने मूल वेतन की नई सीमा 10 प्रतिशत से अधिक भविष्य निधि में योगदान कर सकते हैं। हालांकि नियोक्ताओं को कर्मचारियों के बराबर उच्च दर से योगदान देने की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईपीएफ योजना, 1952 के तहत किसी भी सदस्य के पास वैधानिक दर (10 प्रतिशत) से अधिक दर पर योगदान करने का विकल्प होता है, पर कर्मचारी के संबंध में नियोक्ता अपने योगदान को 10 प्रतिशत (वैधानिक दर) तक सीमित कर सकता है।

बता दें कि बयान में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जून, जुलाई और अगस्त में मिलने वाला क्रमश: मई, जून और जुलाई के वेतन में नियोक्ताओं का सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान 10 प्रतिशत होगा। मंत्रालय ने सोमवार को भविष्य निधि में योगदान के 10 प्रतिशत निम्न दर से योगदान को अधिसूचित कर दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से संगठित क्षेत्र के 4.3 करोड़ कर्मचारी घर अधिक वेतन ले जा सकेंगे।

पिछले सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन महीने के लिये भविष्य निधि में नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के योगदान को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। इसका मकसद नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पास नकदी की मात्रा बढ़ाना है। कम की गई दर पीएमजीकेवाई (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना)लाभार्थियों के लिए भी लागू नहीं है, क्योंकि पूरा कर्मचारी ईपीएफ योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत) और नियोक्ताओं का ईपीएफ और ईपीएस योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत), मासिक वेतन का कुल 24 प्रतिशत का योगदान का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है।

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