वैज्ञानिकों ने खोजा धरती का सबसे नजदीकी ब्लैक होल, साइंटिस्ट को मिली बड़ी सफलता

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 — अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल खगोल विज्ञानियों ने पृथ्वी के अब तक के सबसे नजदीकी ब्लैक होल का पता लगाया है। यह धरती के इतना नजदीक है कि इसके साथ नृत्य करते दो तारों को बिना दूरबीन के देखा जा सकता है। यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी के खगोलविद थॉमस रिविनिउस ने कहा कि यह ब्लैक होल धरती से करीब एक हजार प्रकाश वर्ष दूर है।

एक प्रकाश वर्ष की दूरी साढ़े नौ हजार अरब किलोमीटर दूरी के बराबर होती है लेकिन ब्रह्मांड, यहां तक कि आकाशगंगा के संदर्भ में, यह ब्लैक होल हमारा पड़ोसी है। रिविनिउस ने ही इस खोज से जुड़ी टीम का नेतृत्व किया था। इस खगोलीय खोज से संबंधित अध्ययन एक अख़बार में प्रकाशित हुआ। इससे पहले मिला धरती का नजदीकी ब्लैक होल इससे लगभग तीन गुना यानी कि 3,200 वर्ष दूर है। हार्वर्ड ब्लैक होल इनीशिएटिव के निदेशक एवी लोएब ने कहा कि ऐसे ब्लैक होल होने की भी संभावना है जो इस ब्लैक होल की तुलना में धरती के अधिक करीब हों।

क्या होता है ब्लैक होल?
ब्लैक होल किसी तारे का आखिरी वक्त माना जा सकता है। जब कोई विशाल तारा खत्म होने की ओर होता है तो अपने ही भीतर सिकुड़ने लगता है। आखिर में ये ब्लैक होल बन जाता है जो अपने भीतर किसी भी बड़ी से बड़ी चीज को निगल सकता है। मरते हुए तारे का आकर्षण इतना बढ़ा जाता है कि उसके भीतर का सारा पदार्थ आपस में ही सिमट जाता है और एक छोटे काले बॉल की आकृति ले लेता है। ,

अब इसका कोई आयतन नहीं रह जाता है लेकिन घनत्व अनंत रहता है। इसके बाद ये स्पेस के सारे पिंडों को अपनी ओर खींचने लगता है। जितनी ज्यादा चीजें इसके भीतर समाती जाती है, इसकी ताकत उतनी ही बढ़ती जाती है।

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