बड़ी खबर : महाराष्ट्र में लगातार खतरनाक होते जा रहे है हालात, राज्य के 36 में से 34 जिलों में फैला महामारी कोरोना

मुंबई : एन पी न्यूज 24 – कोरोना का कहर पूरी दुनिया समेत देश के कई राज्यों में दिखने लगा है। जिसमें महाराष्ट्र टॉप पर है। यहां हालात दिन व दिन बत से बत्तर होते जा रहे है। हर दिन यहां सैकड़ों मरीज की बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में अब तक कुल मामले 16 हजार से भी ज्यादा है। जबकि 651 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात खतरनाक हो गए है। राज्य के 36 में से 34 जिले में कोरोना महामारी फ़ैल चुकी है। इसके चलते अब रेसकोर्स और एमएमआरडीए जैसे मैदानों में भी तंबू तानकर कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बेड लगा दिए गए हैं।

वहीं दूसरी ओर निजी डॉक्टरों को भी फरमान जारी कर दिया गया है कि वे भी सरकारी अस्पतालों में सेवाएं दें अन्यथा उनके लाइसेंस खत्म कर दिए जाएंगे।
राज्य चिकित्सा-शिक्षा अनुसंधान बोर्ड के निदेशक डॉ. तात्याराव लहाने ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मुंबई के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 रोगियों के उपचार में निजी डॉक्टरों को महीने में कम से कम 15 दिन तक सेवाएं देनी होगी। अगर ऐसा नहीं किये तो अधिनियम 1897 के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुंबई में राज्य सरकार ने एक लाख मरीज होने की संभावना व्यक्त की है। समझा जा रहा है कि लॉकडाउन-3 शुरू होने के साथ ही मुंबई में ऐसी परिस्थिति नजर आने लगी है। प्रतिदिन औसतन मुंबई में तीन दर्जन कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं।

जिससे देखते हुए परिस्थिति बेहद बिचलित कर रही है। राज्य सरकार की नींद उडी हुई है। कल मुंबई में शराब के दुकानों को भी बंद कर दी गयी। राज्य के मुख्यमंत्री द्धव ठाकरे ने केंद्रीय वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है। उनका मानना है कि मई महीने में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक होगी। जिससे मुंबई में कोरोना संक्रमण की स्थिति और भयानक हो सकती है। इसके मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट, रेलवे और भारतीय सेना और नौसेना सहित केंद्र सरकार के अन्य अस्पतालों से आईसीयू में बेड उपलब्ध कराने की मांग की है।

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