1 लाख 90 हजार भारतीय को विदेशों से भारत लाएगी सरकार, 7 मई से शुरू होगी वतन वापसी, विमानों और युद्धपोत का किया जायेगा इस्तेमाल

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नई दिल्ली :एन पी न्यूज 24 – दुनियाभार में जारी कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार विदेश में फंसे भारतीयों को 7 मई से चरणबद्ध तरीके से वापस लाने की व्यवस्था करेगी। भारतीय दूतावास और हाईकमीशन लोगों की लिस्ट बना रही है। लोगों को हवाई यात्रा के पैसे देने होंगे। साथ ही फ्लाइट में बैठने से पहले मेडिकल टेस्ट होगा और उतरने के बाद स्क्रीनिंग होगी। बता दें कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक विदेशों में फंसे हुए हैं।

 

 

7 मई से शुरू होगी वतन वापसी –
इससे महा अभियान के रूप में देखा जा रहा है। यह अभियान मोदी सरकार 7 मई से शुरू करेगी। भारत सरकार ने सोमवार को इसकी घोषणा की। विदेशों से नागरिकों को वापस लाने के इस सबसे बड़े अभियान की शुरुआत खाड़ी के देशों से होगी, जहां अनिवासी भारतीयों की 70 फीसदी आबादी है। एक अख़बार में छपी खबर के मुताबिक, पहले फेज में 1 लाख 90 हजार लोगों को वापस लाया जाएगा। जैसा कि एचटी ने पहले भी रिपोर्ट दी थी, स्वदेश वापसी अभियान की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से होगी, जहां 34 लाख भारतीय रहते हैं। इसके बाद सऊदी अरब और कुवैत से नागरिक लाए जाएंगे।विमानों और युद्धपोत का किया जायेगा इस्तेमाल –
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह और भी बड़ा अभियान होगा और अधिक जटिल भी है। सरकार ना केवल कॉमर्शल विमानों का इस्तेमाल करेगी बल्कि नेवी के सबसे बड़े युद्धपोत को भी इस अभियान में लगाया जाएगा।

गृह मंत्रालय ने कहा कि विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को विमान, नौसेना के जहाज से वापस लाया जाएगा। ऐसे भारतीय लोग जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं होंगे, केवल उन्हें ही लौटने की मंजूरी होगी। उन्हें भुगतान के आधार अस्पताल या संस्थागत पृथक-वास में रखा जाएगा। विदेश में फंसे भारतीय लोगों को वापसी की सुविधा भुगतान के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।

गृह मंत्रालय ने कहा कि भारत आने के बाद सभी यात्रियों की चिकित्सा जांच की जाएगी और इसके बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा। विमान में सवार होने से पहले यात्रियों की चिकित्सा जांच की जाएगी और केवल उन्हें यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी जिनमें कोविड-19 के लक्षण नहीं होंगे। यात्रा के दौरान उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी नियमों का पालन करना होगा।

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