कोरोना वायरस से जुड़े हर उस सवाल का जवाब पढ़े, जो आप सभी जानना चाहते है : विशेषज्ञ

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 – कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। कोरोना के नाम से लोगों में डर है। हर कोई इससे बचाओं के तरीके ढूंढ रहे है। …

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नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 – कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। कोरोना के नाम से लोगों में डर है। हर कोई इससे बचाओं के तरीके ढूंढ रहे है। कोई मास्क का इस्तेमाल कर रहे है तो कोई हैंड वाश का सहारा लेकर अपने आप को बचाने में जुट गए है। बता दें कि कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर अब तक कई अफवाह फ़ैल चुकी है। सरकार ने इस पर न ध्यान देने की अपील भी की है।

इस बीच आज हम आपको विशेषज्ञ की राय बताने जा रहे है। वो कोरोना को लेकर क्या राय रखते है। उनके मुताबिक इसके लिए क्या-क्या सावधानियां होनी चाहिए। साथ ही क्या सही और क्या गलत है।

सवाल : कुछ ही महीनों में इसका टीका तैयार हो जाएगा ?
जवाब –  चीनी शोधकर्ताओं द्वारा वायरस के अनुवांशिक अनुक्रम जारी करने से वैज्ञानिकों को नए कोरोना वायरस का टीका तैयार करने के काम में मदद मिली है। यह सही है कि वैज्ञानिक इस दिशा में काफी तेजी से काम कर रहे हैं। कुछ टीमों ने तो जानवरों पर इसका परीक्षण भी किया है। हालांकि बाजार में टीका उतारना अब भी एक लंबी प्रक्रिया है।

सवाल : मास्क पहनना प्रभावकारी नहीं है?
जवाब : यह गारंटी नहीं है कि मास्क पहनभर लेने से कोरोना वायरस अटैक नहीं कर सकते हैं। वायरस आंखों के जरिए भी शरीर के अंदर प्रवेश कर सकता है। इतने ही बहुत छोटे कण जिन्हें एरोसोल कहा जाता है, वे मास्क को भेदने में सक्षम होते हैं। हाँ मास्क पहनने वाले लोग न पहनने वाले से पांच गुना ज्यादा सुरक्षित रहते हैं।

सवाल : कम उम्र वाले निश्चिंत रहें?
जवाब : अधिकांश ऐसे लोग जो बुजुर्ग नहीं है और उन्हें कोई बीमारी नहीं है, वे कोरोना की वजह से गंभीर रूप से पीड़ित नहीं होते हैं। लेकिन अगर व्यक्ति बीमार है तो उसे सामान्य फ्लू की तुलना में श्वसन संबंधी गंभीर दिक्कत हो सकती है। स्वस्थ युवा अगर क्वारंटाइन के निर्देशों का सही ढंग से पालन करें तो वे स्वयं तो सुरक्षित रहेंगे ही इसके संक्रमण को रोकने में मददगार होंगे।

सवाल : यह सर्दी के फ्लू से ज्यादा खतरनाक है?
जवाब : अगर कोई कोरोना का मरीज होता है तो उसकी स्थिति सर्दी के फ्लू से ज्यादा बदतर नहीं होगी लेकिन कोरोना की मृत्यु दर और इसकी समग्र रूपरेखा इसको ज्यादा घातक बनाती है। जब यह संक्रमण तेजी से फैले और उस समय संक्रमण के हल्के-फुल्के मामलों पर अगर ध्यान नहीं दिया जाए तो मृत्यु दर काफी ज्यादा प्रतीत होती है।

सवाल : यह अधिक घातक तनाव में बदल रहा है?
जवाब : समय के साथ सभी वायरस म्यूटेट करते हैं, कोविड-19 का वायरस भी इनसे जुदा नहीं है। एक वायरस कितना घातक हो सकता है और उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह मानव शरीर में पहुंचकर कितनी तेजी से फैलता है और बार-बार प्रभावी ढंग से इस प्रक्रिया को दोहराता है। यह जरूरी नहीं कि जो वायरस तीव्र गति से लोगों की मृत्यु का कारण बनता है या उन्हें बीमार करता है, वे सबसे खतरनाक होते हैं। कई बार ऐसे वायरस अक्षम हो जाते हैं और उनके संक्रमण की संभावना कम होती है।

सवाल : संक्रमित के साथ 10 मिनट रहने पर ही आप भी चपेट में आएंगे?
जवाब : फ्लू के लिए कुछ स्वास्थ्य संस्थानों ने गाइडलाइंस दी है जिसके तहत एक्सपोजर को इस तरह से परिभाषित किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति 10 मिनट से छींक या खांस रहा है और आप उससे छह फीट से कम दूरी पर हैं तो आप संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि ऐसा भी हो सकता है कम समय के संपर्क या संक्रमित सतह से आप वायरस की चपेट में आ जाएं।

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