“एक देश,एक भाषा” पर कुछ इस तरह से राहुल ने दी अपनी प्रतिक्रिया, 1 ही ट्वीट में लिखे देश की 23 भाषाओं के नाम

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 – इन दिनों देश में राजनेताओं में हिन्दी भाषा को लेकर विवाद छिड़ा हुआ हैं,जिसे लेकर विभिन्न पार्टी के नेता बयानबाजी या ट्वीटर के माध्यम से अपनी राय …

नई दिल्ली : एन पी न्यूज 24 – इन दिनों देश में राजनेताओं में हिन्दी भाषा को लेकर विवाद छिड़ा हुआ हैं,जिसे लेकर विभिन्न पार्टी के नेता बयानबाजी या ट्वीटर के माध्यम से अपनी राय रख रहे हैं. हाल ही में हिन्दी दिवस के अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा “एक देश,एक भाषा” का फार्मूला पेश किया गया था, जिसके बाद से यह Cold War छिड़ गया है. अब इस मामले पर काँग्रेस नेता राहुल गाँधी ने एक ट्वीट कर अपना पक्ष रखा हैं. वही दूसरी और दक्षिण भारत को यह फार्मूला रास नही आया औऱ असदुद्दीन ओवैसी व कमल हासन सहित स्टालिन ने भी इसकी आलोचना की हैं.

राहुल ने ट्वीट कर अप्रत्यक्ष रूप से रखी अपनी राय…
काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में संविधान की आठवीं अनुसूची में मौजूद सभी 22 भाषाओं का नाम अंग्रेजी भाषा में भारत के तिरंगे के साथ लिखा है. इसके अलावा उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है कि, “भारत की कई सारी भाषाएं, भारत की कमजोरी नहीं हैं.” इस तरह से राहुल ने एक देश, एक भाषा के फॉर्मूले पर अपने पक्ष को रखा हैं.

हर भाषा के नाम से पहले राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में हर भाषा के नाम से पहले भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बनाते हुए लिखा है, “ओड़िया, मराठी, कन्नड़, हिंदी, तमिल, अंग्रेजी, गुजराती, बंगाली, उर्दू, पंजाबी, कोंकणी, मलयालम, तेलुगू, असमिया, बोडो, डोगरी, मैथिली, नेपाली, संस्कृत, कश्मीरी, सिंधी, मणिपुरी.

पहले अनुच्छेद 370 को लेकर घिर चुके हैं राहुल
उल्लेखनीय हैं कि जम्मूकश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद राहुल ने कई सवाल खड़े किये थे, जिसके बाद वें आलोचनाओं का शिकार हुए थे. अब हिन्दी को राजभाषा बनाने को लेकर किए गये राहुल के इस ट्वीट के बाद देखने वाली बात होगी कि इस बारे में जनता का उनके प्रति क्या रुख रहेगा.

हिन्दी दिवस पर अमित शाह ने दिया था “एक देश,एक भाषा का फार्मूला”
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस पर हिन्दी भाषा को लेकर बयान दिया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि “हिंदी हमारी राजभाषा है. हमारे देश मे अलग अलग प्रान्तों मे कई भाषाए में बोली जाती हैं. लेकिन एक भाषा ऐसी होनी चाहिए जो दुनिया में देश का नाम बुलंद करे और पहचान को आगे बढ़ाए और ये सभी खूबियां हिंदी में हैं.”

“एक देश,एक भाषा” को लेकर कमल हासन ने क्या रखी अपनी राय…
हिन्दी भाषा को अमित शाह द्वारा राज़भाषा बोलने के बाद एक्टर कमल हासन भी मैदान में उतर आये. उन्होंने ट्विटर पर हिंदी को लेकर एक वीडियो जारी किया है. ट्विटर पर जारी किए इस वीडियो में कमल हासन ने कहा है, “कोई शाह, सुल्तान या सम्राट अचानक वादा नहीं तोड़ सकता है. 1950 में जब भारत गणतंत्र बना तो ये वादा किया गया था कि हर क्षेत्र की भाषा और कल्चर का सम्मान किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा.

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